... हाईकोर्ट ब्रेकिंग : नगर पंचायत के वार्ड पार्षद की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई,हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन व जशपुर कलेक्टर से माँगा जवाब,जिला कलेक्टर ने आदेश किया रद्द ...

हाईकोर्ट ब्रेकिंग : नगर पंचायत के वार्ड पार्षद की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई,हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन व जशपुर कलेक्टर से माँगा जवाब,जिला कलेक्टर ने आदेश किया रद्द ...


जशपुर,टीम पत्रवार्ता 09 जून 2021

BY योगेश थवाईत 

जशपुर जिले के अन्य तहसीलों की रजिस्ट्री जिला मुख्यालय में न किए जाने के आदेश के विरुद्ध नगर पंचायत बगीचा के वार्ड पार्षद ताहिर चिस्ती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अपील की थी जिसपर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन समेत जिला कलेक्टर से जवाब तलब किया है।इधर हाईकोर्ट का नोटिस आते ही कलेक्टर ने अपना आदेश रद्द कर दिया है

क्या है मामला 

जशपुर कलेक्टर ने 01 मार्च 2021 को आदेश जारी कर जशपुर जिला पंजीयक को जशपुर जिला के अन्य तहसीलों से सम्बंधित दस्तावेजों का पंजीयन जिला मुख्यलय में पंजीयन करने से निषेधित कर सम्बंधित तहसील के प्रकरणों का पंजीयन सम्बंधित तहसील मुख्यलय के उप पंजीयक द्वारा ही कराने का अनिवार्य निर्देश जारी किया था।

उल्लेखनीय है कि तहसील मुख्यलय में तहसीलदार ही उप पंजीयक के दायित्वों का निर्वहन करते हैं,जिससे तहसीलदार के ऊपर कार्यों का अत्यधिक बोझ रहने के कारण पंजीयन का कार्य सुगमता से नहीं हो पाने के कारण मिलीभगत से दलाल, ब्रोकर सहित प्रभावशाली लोगों का पंजीयन कार्य तो हो जाता था। परंतु भोले भाले ग्रामीण अपने को उपेछित एवं परेशान महसूस करते थे।इस प्रकार परेशान होकर उन्होंने अपने जनप्रतिनिधि  ताहिर चिस्ती के समक्ष समस्याओ को रखा।

जिसपर श्री चिस्ती ने राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रयास के आधार पर समाधन करने का प्रयास किया इसके बावजूद कोई समाधान नहीं होने पर उन्होंने माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए माननीय उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता जय प्रकाश शुक्ला के माध्यम से जनहित याचिका दायर की। 

जो  वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से सुनवाई हेतु 09-06-2021 माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति प्रशांत मिश्रा एवं न्यायाधिपति  पीपी साहू के डिवीज़न खंडपीठ में नियत था। 

सुनवाई के दरम्यान श्री चिस्ती के अधिवक्ता जय प्रकाश शुक्ला ने तर्क रखा कि छात्तीसगढ़ शासन द्वारा अन्य तहसील के दस्तावेजों का पंजीयन जिला मुख्यालय में भी कराए जाने सम्बंधित अधिसूचित परिपत्र के अस्तित्व में रहते हुए कलेक्टर ने आलोच्य आदेश पारित किया है जो मनमाना, विधि विरुद्ध एवम क्षेत्राधिकार रहित है। 

तर्क से सहमति जताते हुए माननीय न्यालय ने छत्तीसगढ़ शसन, महानिरीक्षक पंजीयन, आयुक्त सरगुजा, कलेक्टर जशपुर को नोटिस जारी कर 1 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने हेतु आदेशित किया है।

इधर हाईकोर्ट के आदेश जारी होने के साथ जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे ने अपने 1 मार्च के आदेश को निरस्त कर दिया है।पूर्व की तरह अब जशपुर मुख्यालय में किसी भी तहसील की रजिस्ट्री के कार्य सतत होते रहेंगे।

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