... गड़बड़ी :" स्वच्छ भारत मिशन" के सैकड़ों शौचालय अब भी अधूरे,रिश्तेदारों के नाम पर 50 लाख से अधिक का आहरण..? विधायक समेत आला-अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई .....? अब विधायक खुद पंहुचे मौके पर किया मौका जाँच ..और कहा 8 दिनों में ...?

गड़बड़ी :" स्वच्छ भारत मिशन" के सैकड़ों शौचालय अब भी अधूरे,रिश्तेदारों के नाम पर 50 लाख से अधिक का आहरण..? विधायक समेत आला-अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई .....? अब विधायक खुद पंहुचे मौके पर किया मौका जाँच ..और कहा 8 दिनों में ...?


टीम पत्रवार्ता जशपुर,26 दिसंबर 2020 
By योगेश थवाईत

यूँ तो जशपुर का बगीचा जनपद पंचायत स्वच्छ भारत मिशन के फर्जी ओडीएफ का गवाह रहा है इसके बावजूद भ्रष्टाचार के नए मामले यहाँ सामने आ रहे हैं।ताजा मामला है जनपद पंचायत बगीचा के कवई ग्राम पंचायत का जहाँ स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण समेत अन्य विभिन योजनाओं में पचास लाख से अधिक के अनियमितता का मामला सामने आया है।गाँव के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मिलकर मामले की शिकायत आला अधिकारियों समेत स्थानीय विधायक विनय भगत से की है इसके बावजूद अब तक न तो मामले की जाँच हुई न कोई कार्रवाई।

मामले में शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किये जाने के बाद विधायक विनय भगत खुद कवई गाँव पंहुचे जहाँ ग्रामीणों ने अधूरे पड़े कार्यों को दिखाया और भ्रष्ट सचिव,सरपंच,सहायक सचिव पर कार्यवाही की मांग करने लगे,विधायक विनय भगत ने 8 दिनों में जाँच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है 

दरअसल जनपद पंचायत बगीचा के ग्राम पंचायत कवई में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वीकृत शौचालयों  अब भी सैकड़ों शौचालयों का निर्माण भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है।वहीँ ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सचिव वेदव्यास यादव के द्वारा आबंटित राशी 23 लाख समेत लगभग 50 लाख रुपयों का चेक अपने भाई के नाम पर काटकर फर्जी आहरण कर लिया गया है।



इसके अलावा स्कूल शिक्षा मद व चौदहवें वित्त के अंतर्गत कई निर्माण कार्यों को भी पूर्ण बताकर लाखों रुपयों के आहरण का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।वहीँ पेंशन योजनाओं में भी भारी गड़बड़ी की शिकायत ग्रामीणों ने की है।चबूतरा निर्माण समेत अन्य कार्य भी अधूरे पड़े हैं। हांलाकि जाँच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए आरोप कहाँ तक सही हैं वहीँ गाँव के अधूरे पड़े शौचालय व अन्य कार्य आज भी इस भ्रष्टाचार को पुष्ट करते नजर आ रहे हैं जिसको अधिकारी नकार रहे हैं।

ग्रामीणों के साथ उपसरपंच एवं पंचों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपँच,सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत से पंचों का फर्जी हस्ताक्षर कर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है वहीँ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की रोजगार सहायक शमा सिद्दीकी का पूरा काम उनके पति के द्वारा किये जाने का आरोप लगाकर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।उन्होंने बताया की मनरेगा के कार्यों में भी सहायक सचिव मौजूद नहीं रहती है।वहीँ नियमानुसार ग्राम सभा का भी आयोजन नहीं किया जाता।

उक्त मामले में जनपद पंचायत के सीईओ विनोद सिंह ने बताया की मामले में जाँच के निर्देश दिए गए हैं जाँच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीँ आरोपों से घिरे सचिव से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया उन्होंने फोन नहीं उठाया।फिलहाल  जशपुर विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को कार्यवाही का आश्वाशन दिया है।अब देखना होगा कि जनपद पंचायत की जाँच टीम कैसे मामले को रफा दफा करती है या फिर विधायक के हस्तक्षेप के बाद सचिव,सहायक सचिव व सरपंच पर कोई कार्रवाई होती है।  

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