... सरोकार : पत्रकारों पर हो रहे हमले की न्यायिक जांच हो,वारदात के मुताबिक आरोपियों पर पुलिस ने नहीं लगाई धाराएं,प्रदेश के CM "पत्रकार सुरक्षा कानून" तत्काल लागू करें,जशपुर जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,कड़ी कार्यवाही की मांग।

सरोकार : पत्रकारों पर हो रहे हमले की न्यायिक जांच हो,वारदात के मुताबिक आरोपियों पर पुलिस ने नहीं लगाई धाराएं,प्रदेश के CM "पत्रकार सुरक्षा कानून" तत्काल लागू करें,जशपुर जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,कड़ी कार्यवाही की मांग।

 

जशपुर,टीम पत्रवार्ता,27 सितंबर 2020

दो दिन पहले कांकेर में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर हुए जानलेवा हमले को लेकर जिले के पत्रकार एकजुट होकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं वहीं सत्तासीन दबंगों के इस कृत्य का मुखर विरोध कर रहे हैं।पत्रकारों ने सीएम व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू करने की मांग की है।खास बात यह कि इस हमले के बाद पुलिस ने साधारण धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश भी की है।

आपको बता दें कि कांकेर में छत्तीसगढ़ भूमकाल के संपादक कमल शुक्ला को सरेआम दबंगों ने घेरकर जान से मारने की कोशिश की।दबंद सत्तादल के नामचीन नेता बताए जा रहे हैं।इस हमले में पत्रकार कमल शुक्ला, जीवानन्द हलधर, सतीश यादव पर गुंडों ने जानलेवा हमला किया।कांग्रेस के स्थानीय नेता कमल शुक्ला को पीटते रहे।जिसमें कांकेर विधायक प्रतिनिधि गफ्फार मेमन,कांग्रेसी नेता शदाब खान व गणेश तिवारी,जितेंद्र सिंह ठाकुर समेत अन्य नेताओं पर मारपीट का आरोप लगा है।

कौन हैं कमल शुक्ला 

कमल शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट का विरोध कर रहे थे। वहाँ दूसरे पत्रकार भी मौजूद थे।2018 में कमल शुक्ला के ख़िलाफ़ एक विवादित कार्टून को लेकर 'राजद्रोह' का मामला दर्ज़ किया गया था। कई पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे कांकेर के पत्रकार कमल शुक्ला बस्तर में पत्रकारों पर हुए माओवादी हमलों के बाद जंगल के इलाकों में माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान चला चुके हैं।वहीं बस्तर समेत छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए क़ानून बनाए जाने की मांग को लेकर उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है।

दरअसल कांग्रेस बीजेपी की सरकार में पत्रकारों पर हुए हमले का विरोध करती है। लेकिन उसकी सरकार में उसकी पार्टी के कार्यकर्ता खुद ऐसा कर रहे हैं जो बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर में हुए पत्रकार हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मैं इस घटना की निंदा करता हूं ऐसा नहीं होना चाहिए। दोषी जो भी हो उस पर कार्रवाई जरूर होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि कांग्रेस नेता गफ्फार मेनन ने थाना परिसर में लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारने की धमकी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा इसकी जांच करवा लेते हैं यदि ऐसा है तो और धाराएं बढ़ेगी। उन्होंने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होगा।यह बातें कृषि बिल के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस किये जाने के दौरान पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कही।

जशपुर जिले में कुनकुरी,बगीचा,पत्थलगांव में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम एसडीएम,तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है और जाँच की माँग की है।जिले के प्रेस क्लब अध्यक्ष विकास पांडेय ने इस घटना की निंदा करते हुए जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है।

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