... लापरवाही : "मंडल संयोजक" कार्यालय का पता नहीं,निर्धारित कमरे में लटकता रहता है ताला,लोग मिलने के लिए होते हैं परेशान,कलेक्टर ने कहां होगी जांच ...?

लापरवाही : "मंडल संयोजक" कार्यालय का पता नहीं,निर्धारित कमरे में लटकता रहता है ताला,लोग मिलने के लिए होते हैं परेशान,कलेक्टर ने कहां होगी जांच ...?

 


पत्थलगांव,टीम पत्रवार्ता,20 अगस्त 2020

शहर में एक ऐसा कार्यालय है जिसका खुलने बंद होने का कोई समय नहीं है।एक एक हफ्ते तक ताला लटके रहने वाले इस अनोखे कार्यालय का नाम पत्थलगांव मंडल संयोजक कार्यालय है।इस कार्यालय में न तो आवक जावक है ओर न ही कोई साईन बोर्ड लगा है।यहाँ पदस्थ मंडल संयोजक की मनमानी का अजब गजब नजारा देखने को मिल सकता है।


हफ़्तों  तक ताला बंद रहने वाला यह कार्यालय है या फिर मंडल संयोजक का निवास इस बात को लेकर क्षेत्र के छात्रावास अधीक्षक समेत इस विभाग से जुड़े सभी कर्मचारी हैरान हैं। मंडल संयोजक पत्थलगांव में कहाँ बैठते है  इस बात से सभी लोग बेखबर हैं ।

मंडल संयोजक से किसी को कोई काम हो तो फिर महोदय को फोन की घंटी बजाने पर मिलने का समय बतायेंगे उसके बाद सडक पर कही भी घूमते फिरते संयोजक से मुलाक़ात हो सकती है।बताया जाता है की दौरे की आड़ मंडल संयोजक अपने कमरे में ताला लगाकर महीनों महीनों तक गायब रहते हैं।

उल्लेखनीय है कि पत्थलगांव में मंडल संयोजक के पद पर पिछले कई सालों से राधेश्याम मिर्धा पदस्थ हैं जिसकी वजह से विभाग में उनकी पैठ बनी हुयी है साल भर पूर्व वे विकाशखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठते थे फिर उसके बाद से उनके कार्यालय का कहीं भी अता पता नहीं है।

विभाग के अंदरखाने में यह भी चर्चा रहती है कि उनके रूखे व्यवहार के कारण कार्यालय व विभागीय स्टाफ भी दूर रहते हैं।मंडल संयोजक से मिलना तो दूर,बात करना तक मुनासिब नहीं हो पाता,उनका मोबाईल भी अक्सर कवरेज के बाहर ही रहता है।ऐसी लापरवाही को लेकर जिला कलेक्टर ने कार्यवाही की बात कही है।

जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे ने पत्रवार्ता से कहा एसडीएम को निर्देशित किया जा रहा है,मामले की जाँच कराई जाएगी। 


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