Breaking पत्रवार्ता:-18 करोड़ का कैलाश गुफा पंहुच मार्ग निर्माण विवादों में,आश्रम प्रबंधन ने लगाई रोक,स्वीकृत कार्य से हटकर अलग निर्माण कार्य कराए जाने की कवायद,विधायक समेत कलेक्टर आला अधिकारियों के साथ पंहुचे मौके पर।



जशपुर(पत्रवार्ता) जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कैलाश गुफा में सड़क निर्माण के कार्य पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है।लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग कैलाश गुफा पंहुच मार्ग के निर्माण पर सनातन संत समाज गहिरा गुरु आश्रम के द्वारा नया विवाद शुरु कर दिया गया है। जिसके कारण 16 करोड़ 79 लाख की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण के कार्य पर रोक लगा दी गई है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत कैलाश गुफा को लेकर लाखों लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई है।यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि व सावन का मेला लगता है जहां श्रद्धालु उबड़ खाबड़ रास्ते से होकर भोले के दर्शन के लिए जाते हैं।

लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग थी कि कैलाश गुफा पंहुचने से पहले 6 किलोमीटर कैलाश गुफा पंहुच मार्ग का बेहतर निर्माण कराया जाए।जिसके लिए प्रदेश की पूर्व सरकार ने 18 करोड़ 49 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति देते हुए उक्त निर्माण कार्य के लिए विधिवत टेंडर कर कार्यादेश भी जारी कर दिया था।

किसकी मिली है स्वीकृति
शासन द्वारा कैलाश गुफा से लेकर मुख्य चौक देवडाँड़ मार्ग तक लगभग 6.2 किलोमीटर की पक्की सड़क के लिए 18 करोड़ 49 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।उक्त कार्य की तकनीकी स्वीकृति 16 करोड़ 79 लाख की मिली है जिसमें बड़े पुल के साथ सड़क निर्माण का कार्य किया जाना है।यह सड़क 7 मीटर चौड़ी होगी जिसमें लोगों को सुगम यातायात मिल सकेगा।

आश्रम प्रबंधन का नया प्रस्ताव
उक्त निर्माण कार्य के टेंडर के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्य शुरु कराए जाने की कवायद शुरु की गई जिसमें आश्रम प्रबंधन द्वारा रोड़ा लगा दिया गया।आश्रम प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित सड़क के नक़्शे में परिवर्तन की मांग की जा रही है।वर्तमान सड़क के दाहिने ओर राजामठ से होते हुए मेला स्थल बनाने के साथ दूसरे क्षेत्र से नए सड़क निर्माण की मांग की जा रही है।जबकि आश्रम द्वारा सुझाए गए नए रास्ते में कई वनभूमि,वृक्ष के साथ निजी भूमि भी हैं जो सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं और इसमें काफी लंबा समय लग सकता है।

क्या होगी प्रक्रिया
इस मामले में आश्रम प्रबंधन की मांग पर जशपुर विधायक विनय भगत,विधायक चिंतामणी महाराज,बभ्रुवाहन सिंह,फुलकेरिया भगत,कलेक्टर नीलेश महादेव,डीएफओ कृष्णन जाधव,लोक निर्माण विभाग के ईई,एसडीओ आरईएस व अन्य गुरुवार को मौके पर पंहुचे।यहां प्रस्तावित नए स्थल को देखने के बाद कलेक्टर ने सभी संबंधित विभाग को सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।जो शासन को जाएगी इसके बाद शासन स्तर से ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा।

नए सड़क का निर्माण मुश्किल
आश्रम प्रबंधन द्वारा वर्तमान स्वीकृत कार्य का विरोध किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।लंबे समय के अथक प्रयास के बाद सड़क निर्माण का कार्य संभव हो पाया था।जिसमें कैलाश गुफा आश्रम प्रबंधन द्वारा रोक लगाए जाने से श्रद्धालुओ की परेशानी बढ़ सकती है।आगामी सावन में भी लोगों को बेहतर सड़क नहीं मिलेगी।

नए प्रक्रिया में सर्वे के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी जहां पूर्व स्वीकृत कार्य के विलोपन के बाद ही राजपत्र में नए सड़क का नाम जुड़ सकेगा।इसके बाद ही नए सड़क के निर्माण के लिए बजट का आबंटन और अन्य प्रक्रिया की जा सकेगी।इन सब कामों में काम से कम 2 से 5 साल का समय लग सकता है।

कैलाश गुफा में जुटते हैं लाखों श्रद्धालु
यहां शिवधाम होने के कारण श्रद्धालु कांवर लेकर जलाभिषेक के लिए यहां जुटते हैं।बतौली बगीचा मुख्य मार्ग से कैलाश गुफा के लिए अलग सड़क है जिसके अंतिम छोर में लगभग 6 किलोमीटर सड़क अधूरी है।कैलाश गुफा आश्रम प्रबंधन द्वारा जिस क्षेत्र में सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की जा रही है उसमें कई प्रकार की आपत्तियां हैं।

उक्त नए प्रस्तावित इलाके में कई वनभूमि हैं।वृक्षों की बहुलता है जिनको काटने के बाद ही सड़क निर्माण हो सकेगा।निजी व राजस्व की भूमि है जिसमें दावा आपत्ति मुआवजा के बाद ही कोई भी निर्माण संभव होगा।जबकि पुराने व स्वीकृत सड़क निर्माण में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।

क्या है नियम
लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्य के लिए जारी किए गए टेंडर के अनुबंध के बाद कार्यादेश जारी किया जाता है।जिसमें सड़क निर्माण के पूर्व तैयारी के लिए एक माह का समय दिया जाता हैं।जिसमे बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाता है।उक्त निर्माण कार्य में प्रीपरेशन पीरियड समाप्ति की ओर है।जिसके कारण जल्द से जल्द उक्त निर्माण कार्य शुरू किया जाना जनहित में होगा।

नए प्रस्ताव से योजना खटाई में
कैलाश गुफा आश्रम प्रबंधन द्वारा दिए जा रहे नए सुझाव पर शासन प्रशासन को भविष्य की योजना बनानी चाहिए।जिससे वर्तमान कार्य प्रभावित न हो।लंबे समय से क्षेत्रवासियों को धूलभरी खराब सड़क में चलने की मजबूरी है।जब कार्य की स्वीकृति हो चुकी है वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है इसके बाद आश्रम प्रबंधन द्वारा कैलाश गुफा पंहुच मार्ग का निर्माण न होने देना कई सवालों को जन्म देता है।


"कैलाश गुफा आश्रम प्रबंधन द्वारा नए परिवर्तित मार्ग का सुझाव दिया गया है,जिसमें विभागों को सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।शासन को उक्त सर्वे रिपोर्ट भेजा जाएगा।"

नीलेश महादेव क्षीरसागर, कलेक्टर जशपुर

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