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ये क्या ..? नगर पंचायत के सारे नियम ताक पर..और दुकानों पर कब्जे की तैयारी ....?पत्थलगांव का अजीबोगरीब कारनामा




पत्थलगांव (प्रदीप@पत्रवार्ता) प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही एक बार फिर से पत्थलगाँव नगर पंचायत अपने गुप्त कारनामों को लेकर सुर्ख़ियों में है ।इस बार मामला है नगर पंचायत क्षेत्र में बने दुकानों का जिसमें नीलामी के बाद भी कुछ दुकानें नीलाम नहीं हो पाई उन दुकानों को गुपचुप तरीके से एक  बार फिर से आबंटित किए जाने की तैयारी की जा रही है।

दरअसल पत्थलगांव बस स्टैंड यात्री प्रतीक्षालय में बनी दुकानों की नीलामी हो चुकी है इसके बाद निकाय की जमीन खाली बची हुई है जिसे बिना नियम के नगर पंचायत के कुछ पार्षद अपनी रसूख के दम पर निपटाने की फिराक में हैं ।

क्या है नियम ..?
नगर पंचायत की जमीन पर दुकान बनाकर निकाय के राजस्व वृद्धि के लिए दुकान आबंटन का नियम है जिसमे आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए दुकान नीलाम की जा सकती है इसके लिए शासन से स्वीकृति ली जाती है और आबंटन भी तभी होता है जब नीलामी शासन द्वारा स्वीकृत कर ली गई हो।

पत्थलगाँव नगर पंचायत का अलग नियम  
गौरतलब है कि दुकान के लिए परिषद की बैठक में ललित साहू ने दुकान की 2 लाख रु की बोली लगाई जबकि 1 लाख कीमत लगाने वाले किसी अन्य को यह जगह दी जा रही है।हांलाकि बिना विज्ञप्ति और आरक्षण के दुकानों की बोली ही नहीं लगाईं जा सकती ठीक इसके विपरीत पत्थलगाँव नगर पंचायत में सारे नियमों को दरकिनार कर कौड़ियों के भाव जगह बेचकर दुकान देने की तैयारी चल रही है।पहले भी इस नगर पंचायत में  नीलामी के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं जिसमें अब तक प्रदेश सरकार द्वारा दुकानों को स्वीकृत नहीं किया गया है।

बिना नियम के लगा रहे बोली 
इस मामले में जब कई अन्य को जानकारी प्राप्त हुई की मात्र 1 लाख रुपए जमा करवाकर परिषद के माध्यम से दुकान आबंटन करने की कार्यवाही की जा रही है तो बोली लगाने का दौर शुरू हो गया और परिषद की बैठक में ही ललित साहू के नाम से 2 लाख रुपए की बोली भी लगी जो रजिस्टर में दर्ज भी है इसके अलावा सचिन रोहिला ने 3 लाख रुपए की बोली लगाई है अब सवाल यह उठता है कि बिना नियमों के आखिर बोली कौन लगवा रहा है इस पर शहर के लोगों ने आपत्ति दर्ज की है ।


बेजा कब्जा हटाकर अतिक्रमण की तैयारी
ठेला  लायसेंसधारी हरी पांडे का कहना है कि पूर्व से ही उनके पास ठेले का कागजात है ।इसके बाद भी हमारी परवाह किसी को नही यहां तो सम्पन्न लोगों को गरीब बताकर उन्हें पक्का बेजा कब्जा करने की तैयारी की जा रही है जो अन्याय है पहले हमें हमारी जगह देनी चाहिए ।यहाँ पूर्व कब्जाधारियों को हटाने की जद्दोजहद में कुछ पार्षद लगे हुए हैं जो लाख पचास के खेल में अपने हाथ गंदे करते दिख रहे हैं 

विधायक रामपुकार सिंह से मिलेंगे नागरिक
रोजी रोटी के लिए स्थान मांगने के लिए  लोग अब स्थानीय विधायक रामपुकार सिंह से इस अन्याय के लिए मिलकर गुहार लगाने वाले हैं सभी ने कहा कि रामपुकार सिंह से मिलकर अवैध कार्यों पर रोक जरूर लगाई जाएगी।

क्या कहते हैं अधिकारी 
मामले में जब पत्रवार्ता ने सीएमओ जेएम परिहार से पूछा तो उन्होंने बताया कि हमारे तरफ से ऐसा कोई आदेश नही है साथ ही जब उनसे इसके सही गलत होने के बारे पूछा तो उन्होंने फोन रख दिया हालांकि सीएमओ साहब की पूरी बातों से यह तो स्पष्ट है कि वह भी गलत नही चाहते ।

फिलहाल मामले की जानकारी जिले के कलेक्टर को दी गई ई जिसमे जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है। 
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