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हलचल सरहदे-हिंद : जानिए कैसे हुई पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती,कैसे बना चौतरफा दबाव,विंग कमांडर को रिहा करने पर क्यूँ मजबूर है पाकिस्तान ? पूरे कायनाथ में भारत को जबरदस्त समर्थन !!


भारत (योगेश@पत्रवार्ता) जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी ठिकाने को नेस्तनाबूद किये जाने की कार्रवाई से न केवल पाकिस्तान थर्रा गया बल्कि उसने जवाबी कार्यवाही की कोशिश भी की।पाकिस्तान के जंगी विमान F16 को खदेड़ने के दौरान 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना का एक मिग 21 विमान गुलाम कश्मीर में क्रैश हो गया।जिसके बाद भारतीय वायुसेना के पायलेट विंग कंमाडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। 

जब इस मामले पर भारत के समर्थन में पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव पड़ने लगा तो पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई।अंततः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को संसद में जांबाज भारतीय पायलेट अभिनंदन के रिहाई की घोषणा करनी पड़ी।

आतंकवाद को पोषण देने वाले पाकिस्तान के साथ कोई भी देश खुलकर सामने नहीं आ रहा। वहीं आतंक के खिलाफ इस लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश भारत का साथ दे रहे हैं।केंद्र के मोदी सरकार की विदेश नीति व कूटनीति को धरातल पर उतरते अब देखा जा सकता है।

भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति के बाद अमेरिका,फ्रांस,ऑस्ट्रेलिया,अफगानिस्तान,न्यूजीलैंड और ईरान ने बयान जारी कर खुले तौर पर भारत का समर्थन किया है।वहीं चीन भी आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।हांलाकि चीन के बयान में कहीं न कहीं पाकिस्तान का समर्थन दिखा वहीं जर्मनी,रूस, ब्रिटेन और सऊदी अरब ऐसे देश हैं जो भारत व पाकिस्तान के बीच राजनीतिक व राजनयिक तरीके से समस्या के समाधान के प्रयास में लगे हैं।

भारत पाकिस्तान पर किस देश ने क्या कहा :
अमेरिका
अमेरिका ने खुलकर भारत का समर्थन किया है।पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने की नसीहत उसने दी है।अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा 'मैंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से बातचीत की और उन्हें हालात को खराब ना करने और सैन्य कार्रवाई नहीं करने की बात कही।हमने पाकिस्तान को उसके यहां से चल रहे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई के लिए भी कहा।

फ्रांस
फ्रांस ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को संयम बरतने के लिए कहा ताकि सैन्य टकराव के जोखिम को कम किया जा सके और क्षेत्र में स्थिरता बनाई रखी जा सके सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रांस भारत की वैधता को मान्यता देता है और पाकिस्तान को अपनी धरती से आतंकवादी संगठन खत्म करने के लिए कहता है।

चीन
चीन के विदेश मंत्री ने कहा है कि रूस,चीन और भारत ने आतंकवाद का मजबूत विरोध किया है।साथ ही हम मानते हैं कि पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद का विरोध करता रहा है।चीन ने भारतीय और पाक दोस्तों के बयानों की सराहना करते हुए कहा कि वे संयम बरतें और स्थिति को आगे बढ़ाने से बचेंगे।

ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने भी इस मामले पर भारत का साथ दिया है।पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह दी है।ऑस्ट्रेलिया की ओर से कहा गया 'पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में आतंकवादी समूहों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।जिसमें जैश-ए-मोहम्मद भी शामिल है।जिसने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी।

ब्रिटेन
इस मामले पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने कहा कि यूएन सुरक्षा परिषद के साथ मिलकर हम यह कोशिश कर रहे हैं कि पुलवामा हमले के जिम्मेदार को सजा मिले। इस मामले के बाद भारत-पाक के विदेश मंत्रियों से भी शांति स्थापित करने की बात कही थी।

अफगानिस्तान
अफगानिस्तान हमेशा यही कहता आया है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन ही उसके देश में अराजकता फैलाते हैं।जबकि पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा से लगे देश अफगानिस्तान ने भारत को सामान भेजने के लिए एक नया रूट बना लिया है।पाकिस्तान को बाईपास करके अफगानिस्तान ने पहली बार बुधवार को भारत को नए रूट से सामान भेजा है।इससे अब पाकिस्तान की अफगानिस्तान के साथ दादागीरी का खत्मा हो सकेगा।

जर्मनी और सऊदी अरब
सऊदी अरब के शहजादे मोहम्‍मद बिन सलमान ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद कहा था कि आतंकवाद दोनों देशों की साझा चिंता है और इसका सामना करने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा। जबकि जर्मनी ने भारत पाकिस्तान के घटनाक्रम पर दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

रूस
रूस ने बयान में कहा, 'हम नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति संबंधो को मजबूत बनाए रखने के लिए मदद करने के लिए तैयार हैं।रूसी विदेश मंत्रालय के सूचना विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है 'हम मित्र देशों भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं।हम चाहते हैं कि दोनों देश संयम बरतें और मौजूदा समस्या, राजनयिक और राजनीतिक तरीके से हल करें।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव ने कहा'हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।हम आने वाली खबरों को लेकर बेहद चिंतित हैं।

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